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कारीगरों की श्रम साधना से ही मुम्बई का विकास— गेहलोत

कारीगरों की श्रम साधना से ही मुम्बई का विकास— गेहलोत मुम्बई। मुम्बई के विकास में कारीगरों का खास योगदान है, मुम्बईकरों की सुख—सुविधाओं में कारीगरों के श्रम साधना को भुलाया नहीं जा सकता। विलेपारले ( पूर्व ) स्थित नवीनभाई ठक्कर आडोटेरियम में भवन निर्माण व आंतरिक साज-सज्जा से जुड़े कारीगरों की सामाजिक संस्था कारपेंटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वार्षिक स्नेह सम्मेलन 'एक शाम कारपेंटरों के नाम' कार्यक्रम में समाजसेवी शंकरलाल गेहलोत (सुथार) ने उक्त बातें कही। गेहलोत ने कहा कि मुम्बई में बनने वाली बड़ी-बड़ी इमारतों में भले ही उद्योगपतियों के पैसे लगते हों मगर कारीगरों के श्रम से ही इमारत खड़ी हो पाती है। उन्होंने कारीगरों से आवाहन किया कि कारीगर वर्ग अपने आपको पिछड़ा नहीं समझें बल्कि अपनी मेहनत पर भरोसा करते हुए मुंबई को संवारनें का काम करते रहें। गेहलोत ने कहा कि हमें विश्वकर्मा वंशज होने का अभिमान है कारीगरी हमारे खून में है मगर बदलते समय के साथ हमें खुद को भी तराशना होगा ताकि प्रतियोगिता की इस दौड़ में हम मुकाबला कर सकें।

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