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Mr Ram Awadh Vishwakarma
Mr Ram Awadh Vishwakarma bsnlgwl@gmail.com 09479328400
Subject : गजल - बात कड़वी है

बात कड़वी है मग़र कुछ ष्षक़ नहीं,
भीड़ में कोर्इ भी शुभ चिन्तक नहीं।

जिन्दगी बीबी को जीने दीजिये,
क्योंकि बीबी आप की बन्धक नहीे।

नाचने को नाच तो लेते सभी,
नाच पाते पर सभी कत्थक नहीं।

लेखा-जोखा आय-व्यय का क्या रखें,
याद जब गिनती हमें दस तक नहींं।

व्यर्थ ही चलने में क्यों घबरा रहे,
राज पथ पर आप का क्या हक़ नहीं?

Comments

Uttam Jangid

बिलकुल ही सही कहे, मगर ये आजकी दुनिया समझले तो क्या कहना। .........

3/4/2014 5:06:13 AM

RIJIT SHARMA

बिलकुल ही सही कहे, मगर ये आजकी दुनिया समझले तो क्या कहना। ............

2/11/2014 7:12:38 AM

RIJIT SHARMA

बिलकुल ही सही कहे, मगर ये आजकी दुनिया समझले तो क्या कहना। ............

2/11/2014 7:12:37 AM

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