धर्म संसार

भारत त्‍यौहार और मेलों का देश है। वस्‍तुत: वर्ष के प्रत्‍येक दिन उत्‍सव मनाया जाता है। पूरे विश्‍व की तुलना में भारत में अधिक त्‍यौहार मनाए जाते हैं। प्रत्‍येक त्‍यौहार अलग अवसर से संबंधित है, कुछ वर्ष की ऋतुओं का, फसल कटाई का, वर्षा ऋतु का अथवा पूर्णिमा का स्‍वागत करते हैं। दूसरों में धार्मिक अवसर, ईश्‍वरीय सत्‍ता/परमात्‍मा व संतों के जन्‍म दिन अथवा नए वर्ष की शरूआत के अवसर पर मनाए जाते हैं। इनमें से अधिकांश त्‍यौहार भारत के अधिकांश भागों में समान रूप से मनाए जाते हैं। तथापि यह हो सकता है‍ कि उन्‍हें देश के विभिन्‍न भागों में अलग-अलग नामों से पुकारा जाता हो अथवा अलग तरीके से मनाया जाता हो। कुछ ऐसे त्‍यौहार, जो पूरे भारत में मनाए जाते हैं।

हमारे देश के बहु-सांस्‍कृतिक भण्‍डार और विश्‍वविख्‍यात विरासत के सतत् अनुस्‍मारक के रूप में भारतीय इतिहास के तीन हजार से अधिक वर्ष की जानकारी और अनेक सभ्‍यताओं के विषय में यहां बताया गया है। यहां के निवासी और उनकी जीवन शैलियां, उनके नृत्‍य और संगीत शैलियां, कला और हस्‍तकला जैसे अन्‍य अनेक तत्‍व भारतीय संस्‍कृति और विरासत के विभिन्‍न वर्ण प्रस्‍तुत किए गए हैं, जो देश की राष्‍ट्रीयता का सच्‍चा चित्र प्रस्‍तुत करते हैं। इस खण्‍ड में उन सभी तत्‍वों को शामिल किया गया है जो भारत की संस्‍कृति और विरासत के प्रतीक हैं।

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