Aapake Lekh

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Mr Admin Vishwakarma admin@vishwakarmasamaj.com 9869866137
Subject: रावण से सबक, जो लक्ष्मण ने सीखे
कहते हैं कि हर शख्स के भीतर बुराईयों और अच्छाईयों का समागम होता है. जब बुराईयां हावी होने लगती हैं तो इंसान दानव और अच्छाईयों के बहुतायत पर देवता हो जाता है. कई बार बुरे विचार जेहन में आते हैं लेकिन हम उन पर काबू पाने की पुरजोर कोशिश करते हैं. यही चीजें हमें गलत और सही के दायरे में लाती है. इस तरह देखा जाए तो रावण के भीतर भी कई कमियां थीं. इसके बावजूद वह प्रकाण्ड विद्वान था. अपने साम्राज्य की जनता के लिए एक कुशल प्रशासक था. कहते हैं कि रावण की मौत से ठीक पहले राम ने भ्राता लक्ष्मण को रावण के पास ज्ञानार्जन के लिए भेजा था. आप भी जान लें कि रावण ने लक्ष्मण को क्या-क्या सीख दी. 1. अपने सारथी, दरबान, खानसामे और भाई से दुश्मनी मोल मत लीजिए. वे कभी भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. 2. खुद को हमेशा विजेता मानने की गलती मत कीजिए, भले ही हर बार तुम्हारी जीत हो. 3. हमेशा उस मंत्री या साथी पर भरोसा कीजिए जो तुम्हारी आलोचना करती हो. 4. अपने दुश्मन को कभी कमजोर या छोटा म त समझिए, जैसा कि हनुमान के मामले में भूल हूई. 5. यह गुमान कभी मत पालिए कि आप किस्मत को हरा सकते हैं. भाग्य में जो लिखा होगा उसे तो
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Mr. Shyam Vishwakarma shyamvishwakarma@yahoo.co.in 9823071888
Subject: ऊँचा पद
यूँ ही खीच तान में जब बिखर गया समाज,
बड़ा पद हमको चाहिए पर करना नहीं कुछ काम...
करना नहीं है कुछ काम पर पद बड़ा ही चाहिए,
झूठे दिखावे की चाह में बनगया और एक समाज...
जब बनायेंगे एक नया समाज,
उसमें ऊँचा होगा मेरा नाम....
एसा करते करते कितना बनेगा समाज,
लोगों में भ्रम होगया अब कौन करेगा बढियां काम...
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Mr Pankaj Sharma
Subject: आगे सफर था और पीछे हमसफर
आगे सफर था और पीछे हमसफर
था...
रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हम सफर छूट जाता...
मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत थी...
ए दिल तू ही बता... उस वक्त मैं कहाँ
जाता...
मुद्दत का सफर भी था और बरसो का
हम सफर भी था... रूकते तो बिछड
जाते और चलते तो बिखर जाते...
यूँ समँझ लो...
प्यास लगी थी गजब की...मगर पानी मे जहर था...
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते...
बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!
वक़्त ने कहा.....काश थोड़ा और सब्र होता!!!
सब्र ने कहा....काश थोड़ा और वक़्त होता!!!
सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब...
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर
"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है और
"किस्मत" महलों में राज करती है!!
"शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी, पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने, वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता"...
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Mr Dinesh Suthar
Subject: 15 लाख का सपना
कुछ दिन पहले सुना कि किसी ने कहा है मेरे खाते में भी 15 लाख आएंगे फिर मैं भी अमीर बन जाऊंगा कल रात सोचते सोचते सो गया कि काश ये सच होता..... रात को सपना आया मैंने देखा कि मेरे मोबाइल में SMS आया कि भारत सरकार ने 15 लाख मेरे "जान धन योजना वाले बैंक खाते में डिपाजिट कर दिए है मैं बड़ी ख़ुशी से उछलता हुआ कमरे से बाहर आया सबको बोला "देखो देखो अच्छे दिन आ गए मेरे र अकाउंट में 15 लाख आ गए" घर वाले बोले ज्यादा खुश न हो हमारे सबके खाते में भी 15 लाख आये है ये देखो...... कसम से बड़ा दुःख हुआ मुझे फिर सोचा चलो दोस्तों को दिखाता हूँ दोस्त बोले ज्यादा ना उछल हमारे खाते में भी 15 लाख हैं......सारी ख़ुशी फिर गायब फिर सोचा चलो दूकान पर खूब सामान लेता हूँ "भाई साहब ये रामू चाचा की दूकान क्यों बंद है" एक आदमी बोला भाई रामू चाचा ने तो दूकान बंद कर दी उन्हें अब दूकान की क्या जरूरत उनके खाते में तो 15 लाख आ गए मे अब काम नही करना पड़ेगा....... फिर सोचा चलो शॉपिंग माल में चलता हूँ वहां देखा तो सब दुकान बंद थी उन लोगों को भी 15 लाख मिल गए थे..... सोचा कोई बात नही होटल में खूब खाना खाता हूँ अपनी पसन्द का अ
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Mr. Ashok Rana alsrana@gmail.com
Subject: जीवन की सचाई

जीवन की सचाई एक आदमी की चार पत्नियाँ थी।

वह अपनी चौथी पत्नी से बहुत प्यार करता था और उसकी खूब देखभाल करता व उसको सबसे श्रेष्ठ देता।
वह अपनी तीसरी पत्नी से भी प्यार करता था और हमेशा उसे अपने मित्रों को दिखाना चाहता था। हालांकि उसे हमेशा डर था की वह कभी भी किसी दुसरे इंसान के साथ भाग सकती है।
वह अपनी दूसरी पत्नी से भी प्यार करता था।जब भी उसे कोई परेशानी आती तो वे अपनी दुसरे नंबर की पत्नी के पास जाता और वो उसकी समस्या सुलझा देती।
वह अपनी पहली पत्नी से प्यार नहीं करता था जबकि पत्नी उससे बहुत गहरा प्यार करती थी और उसकी खूब देखभाल करती।

एक दिन वह बहुत बीमार पड़ गया और जानता था की जल्दी ही वह मर जाएगा।उसने अपने आप से कहा," मेरी चार पत्नियां हैं, उनमें से मैं एक को अपने साथ ले जाता हूँ...जब मैं मरूं तो वह मरने में मेरा साथ दे।" तब उसने चौथी पत्नी से अपने साथ आने को कहा तो वह बोली", नहीं, ऐसा तो हो ही नहीं सकता और चली गयी। उसने तीसरी पत्नी से पूछा तो वह बोली की," ज़िन्दगी बहुत अच्छी है यहाँ।जब तुम मरोगे तो मैं दूसरी शादी कर लूंगी।" उसने दूसरी पत्नी से कहा तो व

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